थंडरस्टॉर्म क्या है? कारण, प्रकार, और इससे बचाव के उपाय

भारी बिजली और बारिश ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों को नुकसान पहुंचाया है जिससे कई लोग मारे गए। बिहार में आंधी और बिजली गिरने से 83 लोगों की मौत हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई अन्य नेताओं ने जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारत के उत्तरी भाग में भारी बारिश के साथ वज्रपात का अनुमान लगाया है। इस तरह की बड़ी घटना के साथ, आपको आश्चर्य हो सकता है कि वास्तव में थंडरस्ट्रोम क्या है और यह इतनी गंभीर कैसे हो सकती है। आइए थंडरस्टॉर्म, इसके प्रकार और कारणों के बारे में विस्तार से जानें।

वज्रपात क्या है?

थंडरस्ट्रोम, एक अल्पकालिक मौसम की अव्यवस्था है, जिसमें बिजली, भारी बारिश, गरज, तेज हवाओं आदि होते है, यह एक प्रकार के बादलों में होता है, जिसे क्यूम्यलोनिम्बस के रूप में जाना जाता है। तेज थंडरस्ट्रोम, सबसे खतरनाक मौसम
सम्बन्धी घटनाओं का परिणाम है।कुछ थंडरस्ट्रोम, के साथ बवंडर भी आ सकते हैं। सबसे अधिक गर्मी और वसंत के महीनों में इसके होने की संभावना होती है। थंडरस्ट्रोम नमी, अस्थिर हवा से बनती हैं।

वज्रपात का कारण:

दुनिया के हर क्षेत्र में वज्रपात आते रहते हैं। वज्रपात, वायुमंडल के ठंडे क्षेत्रों में गर्म, नम हवा के तेजी से ऊपर की ओर बढ़ने के कारण होता है। जैसे ही नम हवा ऊपर की ओर बढ़ती है, यह ठंडा, संघनित होकर एक कूलम्बिम्बस बादल बनता है, और 20 किलोमीटर से अधिक की ऊंचाई तक पहुंच जाता है और तेज गति से चलता है। वातावरण में ठंडी हवा तेज हवाओं के साथ जमीन से टकराती है। इस समय में, बिजली के चार्ज बादल के कणों पर रहते हैं। जब चार्ज अधिक हो जाता हैं, तो प्रकाश होता है, जो हवा को गर्म करती है और तीव्र रूप से उत्पन्न होने वाली बिजली के तरंगों गरज के रूप में सुनाई देता है।

वज्रपात के प्रकार:

वायुमंडल की विभिन्न परतों पर हवा की स्थिति के अनुसार मुख्य रूप से चार प्रकार के वज्रपात होते हैं।

  1. सिंगल-सेल– ये छोटे और कमजोर वज्रपात के बादल होते हैं, जो एक घंटे के भीतर ख़त्म हो जाते हैं। इन्हें आमतौर पर ग्रीष्मकाल में देखा जा सकता है और यह गर्म होने के कारण होता है।
  2. मल्टी-सेल क्लस्टर– ये सबसे आम प्रकार के आंधी हैं और इससे ओलावृष्टि, तेज हवाएं और भारी बारिश हो सकती है।
  3. मल्टीसेल लाइन / स्क्वॉल लाइन- ये वज्रपात, मल्टीसेल क्लस्टर से ज्यादा मजबूत होते हैं। इसके परिणामस्वरुप तेज हवा और भारी बारिश के साथ “आँधी” आती हैं।
  4. सुपरसेल्स– ये सबसे तेज और सबसे गंभीर प्रकार की आंधी हैं। अधिकांश बड़े और जानलेवा तूफान इस प्रकार की आंधी से आते हैं। कम से कम 90 फीसदी सुपरकेल्स विनाश का कारण बनती है।

बचाव के उपाय:

  • तेज वज्रपात के सुनाई देने से पहले कान बंद करलेना चाहिए। वज्रपात के काफी करीब कोई भी बिजली गिरने से मर सकता है।
  • बिजली के उपकरणों के उपयोग से बचें और उन्हें बंद कर दें। यह वज्रपात और बिजली के प्रकाश के दौरान बिजली उत्पन्न कर सकता है।
  • खिड़कियां और दरवाजे बंद कर दें और उससे दूर रहें।
  • वज्रपात के दौरान, बाथ या शॉवर न करें।
  • यदि आप गाड़ी चला रहे हैं, तो सुरक्षित रूप से सड़क मार्ग से बाहर निकलें, हजार्ड लाइट और पार्क को चालू करें। वाहन में ही रहने की कोशिश करें और धातु के चीजों को छूने से बचें।

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