जानिए क्या है नई शिक्षा नीति पर प्रधानमन्त्री के संबोधन की मुख्य बातें

केंद्र सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति की घोषणा के साथ, देश भर के लोगों द्वारा शैक्षिक नीतियों में बदलाव को व्यापक रूप से स्वीकार किया गया है। यद्यपि सरकार द्वारा उल्लिखित विचारों और सुधारों के निष्पादन पर एक बहस हुई है, लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ध्यान निश्चित रूप से शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद करेगा। इस तरह के ऐतिहासिक बदलाव के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 11 बजे राष्ट्र को संबोधित किए।

NEP भारत की 34 वर्षीय शिक्षा नीति की जगह लेगी, जिससे स्कूली स्तर पर प्रदान की जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। इसका उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में सुधार करके भारत को शिक्षा में वैश्विक महाशक्ति बनाना है। कई बदलाव में कॉलेज में कई बार प्रवेश लेने और निकास की व्यवस्था, बेसिक पाठ्यक्रम में बदलाव, आने वाले वर्षों में व्यावसायिक कोर्स आदि प्रमुख है। NEP 2020 का उद्देश्य 2035 तक उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात को 26.3% से बढ़ाकर 50% करना है।

नई शिक्षा नीति के कॉन्क्लेव में पीएम मोदी का संबोधन

मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी द्वारा आयोजित “राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में बदलाव पर कॉन्क्लेव” को PM संबोधित किये। यह सत्र “नई नीति के बारे में लोगों के विचारों और मुद्दों को संबोधित करने के लिए आयोजित किया गया था। इसमें नई शिक्षा नीति के अंतर्गत कवर किए गए शिक्षा के सभी पहलुओं पर बात हुई, जिसमें गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, बहु-विषयक दृष्टिकोण और एक बेहतर शिक्षा के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग शामिल है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल, केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री, संजय धोत्रे भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

New Education Policy 2020: All You Need To Know 

कॉन्क्लेव में नई शिक्षा नीति पर प्रधानमन्त्री द्वारा दिए संबोधन की मुख्य बातें

  • प्रधानमंत्री ने अभिनव सोच(innovative thinking) और समग्र दृष्टिकोण(holistic approach) के महत्व पर प्रकाश डाला जिससे बच्चे एक वैश्विक नागरिक तो बनें लेकिन अपनी जड़ों से भी जुड़े रहे।
  • बच्चे के कैरियर की मजबूत नींव रखने के लिए, छात्रों को उसकी क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाया जाएगा।
  • “क्या सोचें” के बजाय “कैसे सोचें” पर ध्यान दें।
  • सभी के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए क्योंकि कोई भी जॉब छोटी नहीं है। श्रम की गरिमा महत्वपूर्ण है और इसे बच्चों को समझना चाहिए।
  • छात्र शिक्षा और श्रम की गरिमा पर फोकस होना चाहिए।
  • भविष्य के प्रौद्योगिकी के बारे में एक मानसिकता विकसित किया जाय।
  • वर्चुअल लैब की अवधारणा सहित बेसिक कंप्यूटिंग, कोडिंग और अनुसंधान संस्थानों पर ध्यान दें।
  • इंस्टिट्यूट और इन्स्फ्रास्ट्रकचर में परिलक्षित सुधार, नवाचार और अनुकूलन के वैल्यू को लागू करने में मदद करेंगे।
  • उच्च शिक्षण संस्थानों को सशक्त बनाने से छात्रों का सशक्तिकरण होगा।
  • शिक्षण संस्थानों को स्वायत्तता(Autonomy)
  • जब एक शिक्षक सीखता है, तो एक राष्ट्र का नेतृत्व होता है।
  • PM मोदी ने लोगों से चर्चा करने और नीतियों के उचित कार्यान्वयन में अपने विचारों का योगदान देने का आग्रह किया।

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