The Jallianwala Bagh Massacre Day (1919): 13th April

Dear Readers,

General Awareness is an equally important section containing same weightage of 25 questions in SSC CGL, CHSL, MTS exams and has an even more abundant importance in some other exams conducted by SSC. Generally, there are questions asked related to Important events in Indian History(Pre-Independence period). So you should know important facts related to Indian History so that you can score well in General Awareness section.
To let you make the most of GA section, we are providing important facts related to Indian History. Also, Railway and SSC Exams are nearby with bunches of posts for the interested candidates in which General Awareness is a major part to be asked for various posts exams. We have covered important notes focusing on these prestigious exams. We wish you all the best of luck to come over the fear of General Awareness section
The Jallianwala Bagh Massacre (1919)
जलियांवाला बाग़ नरसंहार(1919)
(100 Years since one of the bloodiest actions of British Rule)
(ब्रिटिश शासन काल के सबसे क्रूरतम कर्त्य के 100 वर्ष)
The Jallianwala Bagh massacre, also known as the Amritsar massacre, took place on 13 April 1919 when troops of the British Indian Army under the command of Colonel Reginald Dyer fired rifles into a crowd of Baishakhi pilgrims, who had gathered in Jallianwala Bagh, Amritsar, Punjab.
(जलियांवाला बाग हत्याकांड जिसे अमृतसर नरसंहार के रूप में भी जाना जाता है, जो 13 अप्रैल 1919 को हुआ था जब कर्नल रेगिनाल्ड डायर की कमान के तहत ब्रिटिश भारतीय सेना के सैनिकों ने जलियांवाला बाग, अमृतसर, पंजाब में इकट्ठे हुए बेसाखी तीर्थयात्रियों पर गोलियां चलायी थी.)

Reasons behind Gathering of The Jallianwala Bagh(जलियांवाला बाग सभा के पीछे कारण) :

 

  • The formation of Rowlatt Committee in 1919. The Rowlatt Act was a legislative act that allowed certain political cases to be tried without the presence of a jury and permitted internment of suspects without any trial. This is the time when Mahatma Gandhi came to light as a revolutionary. The Act resulted in furious protests throughout the country.
  • (1919 में रोलेट कमेटी का गठन हुआ था. रोलेट एक्ट एक विधायी अधिनियम था, जिसमें एक जूरी की उपस्थिति के बिना कुछ राजनीतिक मामलों पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई थी और बिना किसी मुकदमे के संदिग्धों को आतंकित करने की अनुमति दी गई थी. यह समय था जब महात्मा गांधी क्रांतिकारी के रूप में प्रकाश में आए थे. इस अधिनियम के परिणामस्वरूप पूरे देश में उग्र विरोध प्रदर्शन हुए.)
  • They were also demanding the release of two popular leaders of the Indian Independence Movement- Satya Pal and Saifuddin Kitchlew.
  • (वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दो लोकप्रिय नेताओं – सत्य पाल और सैफुद्दीन किचलेव की रिहाई की भी मांग कर रहे थे.)
  • There were violent protests that resulted in the burning of the Town Hall and Railway station, disruption of telegraphs and communication system. It resulted in many deaths including a few deaths of the European government officials as well as civilians.The unrest became worst, especially in Punjab.
  • (ये हिंसक विरोध थे जो टाउन हॉल और रेलवे स्टेशन के जलने, टेलीग्राफों और संचार प्रणाली के विघटन के परिणामस्वरूप थे. इसके परिणामस्वरूप कई मौते हुईं जिनमें कुछ यूरोपीय सरकार के अधिकारियों सहित नागरिकों की मौतें भी शामिल हैं.खासकर पंजाब में स्थिति बद से बत्तर हो गयी थी)
 
What Happened on 13 April (13 अप्रैल को क्या हुआ था):
  • On 13 April 1919, thousands of people were gathered at Jallianwala Bagh in Amritsar, Punjab. This day marks the beginning of New Year for the Sikhs and is also celebrated as Baisakhi festival all over Punjab.On the morning of Baisakhi, Colonel Reginald Dyer had announced the implementation of a curfew throughout Amritsar and a ban on all processions that even prohibited a group of 4 or more people to meet publicly.
  • (13 अप्रैल 1919 को अमृतसर, पंजाब के जालियनवाला बाग में हजारों लोग इकट्ठे हुए. इस दिन सिख नए साल की शुरुआत करते हैं और इसे पूरे पंजाब में बहुत ही उत्सव के साथ मनाया जाता है. बेसाखी की सुबह, कर्नल रेगिनाल्ड डायर ने अमृतसर में कर्फ्यू के क्रियान्वयन की घोषणा की थी और सभी जुलूस पर प्रतिबंध लगा दिया था यहाँ तक कि सार्वजनिक रूप से 4 या अधिक लोगों के समूह के मिलने पर भी प्रतिबन्ध लगा दिया था)
  • By mid-day, thousands of people were gathered at the Jallianwala Bagh including the devotees at Harmandir Sahib. Jallianwala Bagh was covered on all sides by walls reaching up to 10 feet.
  • (मध्य दिन तक, हरिंदर साहिब में भक्तों सहित जलियांवाला बाग में हजारों लोग इकट्ठा हुए. जलियांवाला बाग को 10 फीट तक दीवारों को सभी तरफ से कवर किया गया था)
  • Dyer marched his fifty riflemen to a raised bank and ordered them to kneel and fire.
  • (डायर ने पचास राइफलमेन को एक ऊँचे टीले पर तैनात किया और हुकुम दिया कि  घुटने कर और गोलियां बरसना शुरू करें)
  • Official British Raj sources estimated the fatalities at 379, and with 1,100 wounded. Civil Surgeon Dr Williams DeeMeddy indicated that there were 1,526 casualties. However, the casualty number quoted by the Indian National Congress was more than 1,500, with roughly 1,000 killed.
  • (आधिकारिक ब्रिटिश राज सूत्रों ने अनुमान लगाया कि 379 में मौतें हुईं और 1,100 घायल हुए. सिविल सर्जन डॉ विलियम्स डी मेडी ने संकेत दिया कि हताहतों की संख्या 1,526 थी. हालांकि, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा हताहत संख्या 1,500 से अधिक थी, जिसमें लगभग 1,000 लोग मारे गए थे)
“The act was not to disperse (the meeting), but to punish the Indians for their disobedience.”
“यह कार्य (मीटिंग) को फैलाने का नहीं था लेकिन भारतीयों को उनकी अवज्ञा के लिए दंडित करने के लिए था”   -General Reginald Dyer
Nation’s Response (राष्ट्र की प्रतिक्रिया):
  • The Bengali poet and Nobel laureate Rabindranath Tagore renounced the knighthood that he had received in 1915.
  • (बंगाली कवि और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने 1915 में प्राप्त नाइटहुड को त्याग दिया था)
  • The Hunter Committee was appointed by the British government. Committee known as Hunter Committee after its chairman, Lord Hunter, held Brigadier-General R.E.H. Dyer guilty of a mistaken notion of duty, and he was relieved of his command and prematurely retired from the army.
  • (ब्रिटिश सरकार ने हंटर कमेटी की नियुक्त की थी. अपने अध्यक्ष, लॉर्ड हंटर के बाद हंटर समिति के रूप में जाना जाने वाली समिति, ब्रिगेडियर जनरल आर.ई.एच. आयोजित की गई. डायर को कर्तव्य की गलत धारणा के लिए दोषी पाया गया और वह अपने कमान से मुक्त हो गए और समय से पहले सेना से सेवानिवृत्त भी हो गए)
  • The Indian National Congress held its annual session in December 1919 at Amritsar and called upon the British Government to “take early steps to establish a fully responsible government in India in accordance with the principle of self-determination.”
  • (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपना वार्षिक सत्र 1919 में अमृतसर में आयोजित किया और ब्रिटिश सरकार को स्वयं निर्णय के सिद्धांत के अनुसार “भारत में पूरी तरह से जिम्मेदार सरकार स्थापित करने के लिए शीघ्र कदम उठाने के लिए कहा”)
  • A committee was formed with Pandit Madan Mohan Malaviya as president to raise a befitting memorial to perpetuate the memory of the martyrs.
  • (पंडित मदन मोहन मालवीय के साथ एक समिति का गठन किया गया था ताकि शहीदों की याद रखने के लिए एक स्मारक तैयार किया जा सके.)
  • Udham Singh avenged the killings of 1300+ of his countrymen by killing Michael O’Dwyer in Caxton Hall of London. On the 31st July, 1940, Udham Singh was hanged at Pentonville jail, London.
  • (लंदन के कैक्सटन हॉल में माइकल ओ’डवायर की हत्या करके उधम सिंह ने अपने 1300 अधिक देशवासियों की हत्या का बदला लिया. 31 जुलाई, 1940 को, उदम सिंह को लंदन के पेंटेनविल जेल में फांसी दी गई थी)


Silence, bloodstains and bullet holes: That’s the story of the Jallianwala Bagh 
(शांति, खून की छींटे  और गोलियों के छेद: ये है जल्लीवाला बाग की कहानी)