GA Notes: Climate of India and Factors Affecting the Climate of India

Dear Students,


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To let you make the most of GA section, we are providing important facts related to Indian Polity. Also, Railway Exam is nearby with bunches of posts for the interested candidates in which General Awareness is a major part to be asked for various posts exams. We have covered important notes focusing on these prestigious exams. We wish you all the best of luck to come over the fear of General Awareness section

Climate of India and Factors Affecting the Climate of India

    भारत की जलवायु और भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक  


Weather refers to the state of the atmosphere over an area at any given period of time. Weather can change throughout the day whereas the climate of a country is the same for many years.The climate of a country depends upon several factors such as location, size, altitude, wind, distance from the sea, the alignment of hills and mountains etc.
मौसम किसी भी समय किसी भी क्षेत्र में वायुमंडल की स्थिति को संदर्भित करता है. मौसम पूरे दिन में बदल सकता है जबकि देश का वातावरण कई सालों तक समान होता है. देश का वातावरण स्थान, आकार, ऊंचाई, हवा, समुद्र से दूरी, पहाड़ियों और पहाड़ों आदि के संरेखण जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है.


The Climate of India: / भारत का जलवायु:
The whole of India has a tropical monsoonal climate, since the greater part of the country lies within the trophies, and the climate is influenced by the monsoons.The position of the mountain ranges and direction of the rain-bearing winds are the two main factors that determine the climate of India. Alternating seasons is the chief characteristic of India's Climate.
सम्पूर्ण भारत की उष्णकटिबंधीय मानसून जलवायु है, क्योंकि देश का बड़ा हिस्सा उष्णकटिबंधीय क्षेत्र के भीतर आता है, और जलवायु मानसून द्वारा प्रभावित होती है. पर्वत की स्थिति और बारिश वाली हवाओं की दिशा दो मुख्य कारक हैं जो भारत के जलवायु का निर्धारण करता है. क्रमिक मौसम भारत के जलवायु की मुख्य विशेषता है.

Factors Affecting the Climate of India/ भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक

Location and Latitudinal Extent: / स्थान और अक्षांश विस्तार:
-The mainland of India extends roughly from 8°N to 37°N and the Tropic of Cancer of passes through the middle of the country.
- भारत की  भूमि लगभग 8°N से 37°N  तक फैली हुई है और देश के मध्य से कर्क रेखा गुजरती है.
-Areas south of the Tropic of Cancer are closer to the equator and experience high temperature throughout the year,the northern parts on the other hand lie in the warm temperature zone.
- कर्क रेखा के दक्षिण की ओर स्थित क्षेत्र भूमध्य रेखा के करीब होने का कारण अधिक पूरे वर्ष उच्च तापमान का अनुभव करते हैं, दूसरी ओर उत्तरी हिस्सों में स्थित क्षेत्र में गर्म तापमान रहता हैं.
-Water bodies comprising the Arabian Sea and the Bay of Bengal surround the peninsular India and make climatic conditions mild along the coastal areas.
- अरब सागर और बंगाल की खाड़ी वाले जल निकायों ने प्रायद्वीपीय भारत को घेर कर और तटीय क्षेत्रों के साथ जलवायु स्थितियों को सामान्य बना देते है.

Distance from the Sea:/ सागर से दूरी:
-With a long coastline, large coastal areas have an equable climate. Areas in the interior of India are far away from the moderating influence of the sea. Such areas have extremes of climate.
- एक लंबी तटरेखा के साथ, बड़े तटीय क्षेत्रों में एक समान जलवायु है. भारत के आतंरिक क्षेत्र समुद्र के मध्यम प्रभाव से बहुत दूर हैं. इस तरह के क्षेत्रों में जलवायु की अवस्थाएं चरम पर हैं.
-For example the annual range of temperature at Kochi does not exceed 3°C whereas it is as high at 20°C at Delhi. Similarly, the amount of annual rainfall at Kolkata is 119 cm which falls to a low of 24 cm at Bikaner.
उदाहरण के लिए कोच्चि में तापमान की वार्षिक सीमा 3 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं है जबकि यह दिल्ली में 20 डिग्री सेल्सियस से अधिक है. इसी तरह, कोलकाता में वार्षिक वर्षा की मात्रा 119 सेमी है जो बीकानेर में 24 सेमी से कम हो जाती है.

Himalaya Mountains:/ हिमालय पर्वत:
-The Himalayas play an important role in lending a sub-tropical touch to the climate of India.
- हिमालय भारत के उप-उष्णकटिबंधीय जलवायु के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
-It prevents the cold winds of north Asia from blowing into India, thus protecting it from severely cold winters. It also traps the Monsoon winds, forcing them to shed their moisture within the sub-continent.
- यह उत्तरी एशिया की ठंडी हवाओं को भारत में आने से रोकता है, इस प्रकार यह अत्यधिक शीत  ऋतु की ठंड से बचाता है. यह मानसून की हवाओं को भी रोकता है,  जिससे उपमहाद्वीप में वर्ष करके उनकी नमी को कम करने के लिए बाधित करता है.

Altitude: ऊंचाई:
-Temperature decreases with height.
ऊंचाई के साथ तापमान कम हो जाता है.
-Several hill stations and the Himalayan ranges are much cooler than the places located in the Great Plain of North India.
- उत्तर भारत के बड़े मैदान में स्थित स्थानों की तुलना में कई हिल स्टेशन और हिमालय पर्वत की सीमा बहुत ठंडी हैं.
-Places located at higher altitude have cool climate even though they are located in the peninsular India, i.e., Ooty.
- ऊंचाई पर स्थित जगहों में ठंडे वातावरण होते हैं, भले ही वे प्रायद्वीपीय भारत में स्थित क्यों ना हो,  जैसे: ऊटी.

Upper Air Circulation:/ ऊपरी वायु परिसंचरण:
-The changes in the upper air circulation over Indian landmass influence the climate of India to a great extent.
- भारतीय क्षेत्र के ऊपरी वायु परिसंचरण में परिवर्तन भारत के जलवायु को काफी हद तक प्रभावित करते हैं.
-Air currents in the upper layers of the atmosphere known as jet steams could determine the arrival of the monsoons and departure of the monsoons.
वायुमंडल के ऊपरी परतों में स्थित वायु धाराओं को जिनको जेट स्ट्रीम के रूप में जाना जाता है वह मानसून के प्रस्थान और मानसून के निर्धारक के रूप में भी जाना जाता है.

Tropical Cyclones: / ऊष्णकटिबंधी चक्रवात:
-Tropical cyclones originate in the Bay of Bengal and Arabian Sea and the influence large parts of the peninsular India. Majority of the cyclones originate in the Bay of Bengal and influence the weather conditions during the south-west monsoon season.
- उष्णकटिबंधीय चक्रवात बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में उत्पन्न होते हैं और प्रायद्वीपीय भारत के बड़े हिस्से को प्रभावित करते हैं. अधिकांश चक्रवात बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न होते हैं और दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम के दौरान मौसम की स्थिति को प्रभावित करते हैं.

Western Disturbances: पश्चिमी विक्षोभ :
-The western disturbances originate over the Mediterranean sea and travel eastward under the influence of westerly jet stream. They influence the winter weather conditions over most of Northern plains and Western Himalayan region.
- पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर से निकलती है और पश्चिमी जेट धारा के प्रभाव में पूर्व की ओर यात्रा करती है. वे उत्तरी मैदानों और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सर्दियों के मौसम की स्थिति को प्रभावित करते हैं.

El-Nino Effect:/ अल-नीनो के प्रभाव:
-El-Nino is a narrow warm current which occasionally appears off the coast of Peru in December.
-अल-नीनो एक संकीर्ण गर्म प्रवाह है जो कभी-कभी दिसंबर में पेरू के तट पर उत्पन्न होती है.
-Sometimes it becomes more intense and increases the surface water temperatures of the sea by 10°C.
कभी-कभी यह अधिक तीव्र हो जाता है और समुद्र के सतह के पानी के तापमान को 10 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा देता है.
-This warming of tropical Pacific waters affects the monsoon winds in the Indian Ocean.
उष्णकटिबंधीय प्रशांत जल की गर्म होने की प्रक्रिया के कारण हिंद महासागर में मानसून की हवाओं को प्रभावित होती है.

La Nina:/ ला नीना:
-La Nina in effect is the complete opposition of El Nino.
-ला नीना, अल-नीनो की ठीक विपरीत परिस्थिति है.
-In India the presence of La Nina portends exceptionally good news, it is the harbinger of heavy monsoon showers in India.
भारत में ला नीना की उपस्थिति असाधारण रूप से सकारात्मक प्रभाव रखती है, यह भारत में भारी मानसून बारिश का केंद्र है.

Southern Oscillation:/ दक्षिणी दोलन :
-The inter­relation of high and low pressure over the Pacific and the Indian Ocean is called Southern Oscillation.
- प्रशांत और हिंद महासागर पर उच्च और निम्न दबाव के पारस्परिक संबंध को दक्षिणी दोलन कहा जाता है.
-When the winter pressure is high over the Pacific Ocean and low over the Indian Ocean, the south-west monsoons in India tend to be stronger. In the reverse case, the monsoons are most likely to be weaker.
- जब प्रशांत महासागर पर सर्दियों का दबाव अधिक होता है और हिंद महासागर से कम होता है, तो भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून मजबूत होते हैं. विपरीत रूप में, मानसून कमजोर होने की संभावना होती है.





                                 

                         

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