SSC MTS Tier 2 Essay Writing For Descriptive Exam (in Hindi)


SSC MTS Descriptive Paper TIER 2

प्रिय विद्यार्थियों,
सरकार की परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने के लिए हमें आयोग द्वारा आयोजित कराये जा रहे सभी टियर के लिए तैयार रहना होगा. SSC MTS टियर 1 और  SSC CGL टियर 1 समाप्त हो चुके हैं और सभी अब टियर 2 और टियर 3 के प्रतीक्षा में हैं. संक्षेप में, वर्णात्मक परीक्षा की तैयार शुरू कर दें जिसमें निबंध, पत्र या संक्षेपण लेखन होगा.वर्णनात्मक परीक्षा के महत्व को ध्यान में रखते हुए, हम उम्मीदवारों को निबंध प्रदान कर रहे हैं ताकि उन्हें शब्दों के उचित उपयोग और एक महत्वपूर्ण विषय पर लेखन के बारे में पता लग सके.जिन लोगों को उचित मार्गदर्शन की ज़रूरत है और जो यह अवसर को खोना नहीं चाहते जिसका वह लम्बे समय से इंतजार कर रहे थे और वे इसके लिए समर्पित हैं वे यह लेख ध्यानपूर्वक पढ़ें. अड्डा 247 की ओर से सभी उम्मीदवारों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं!!!

दिल्ली के 'स्मोग' पर निबंध

दिल्ली स्मोग, सबसे लोकप्रिय मुद्दा जो न केवल दिल्ली के स्वस्थ जीवन शैली से सम्बंधित है बल्कि या पूरे देश की  ओर ध्यान आकर्षित करता है. दिल्ली को विभिन्न कारणों से प्रदूषण के मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है जिसमें मुख्य कारण कृषि सम्बंधित कचरे को जलाना है. यह देखा गया है कि वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ता जा रहा है, जिसने सारे शहर को धुंध में लपेटा हुआ है. यह राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के मानव जीवन पर गंभीर खतरा पैदा कर रहा है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए.

'स्मोग' शब्द धुएं और कोहरे से मिलकर बना है. यह एक जटिल मिश्रण है जो विभिन्न प्रदूषकों द्वारा बनता है, जैसे नाइट्रोजन ऑक्साइड और धूल कण, जो सूर्य के प्रकाश में आकार भूतलिए ओजोन के रूप में कार्य करते हैं, जिससे औद्योगिक शहरों को धुंध से ढक देता है. धुआं औद्योगिक गतिविधियों,  यातायात, धूप और शांत हवाओं के परिणामस्वरूप होता है. इन कारक सभी तरह से धुंध में योगदान देते हैं, जो वायुमंडल में हमेशा के लिए बने रहते हैं.

स्मोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकता है क्योंकि यह स्वास्थ्य से सम्बन्धी परेशानियों जैसे छाती में संक्रमण / जलन को बढ़ा सकता है जो हमारे श्वसन तंत्र पर प्रतिकूल तरीके से प्रभाव डालता है, जिससे खाँसी और फेफड़ों के संक्रमण हो सकते हैं. धुंध  व्यक्ति की प्रतिरोधकता क्षमता को कम देता है जिससे आँखों में जलन पैदा हो सकती है, और यह समयपूर्व मृत्यु दर के बढ़ने के जोखिम के लिए भी प्रत्यक्ष रूप से योगदान करता है. इसके अलावा, मनुष्यों पर नकारात्मक प्रभाव के साथ स्मोग जंगलों और फसलों को भी नुकसान पहुंचा सकता है.

इसे कम करने या बढ़े हुए स्तर को कम करने के लिए, किसी भी तरह के बिजली संयंत्र को बंद कर देना इस  मुद्दे से छुटकारा पाना नहीं है. कचरे और अन्य कार्बनिक पदार्थों के जलाने से बचने के लिए शहरी गरीबों और निम्न आय समूहों को बैटरी बैकअप के साथ सौर शक्ति वाला हीटर प्रदान किया जा सकता है. दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की सरकार को ग्रामीण बायो डाइजेस्टर्स की स्थापना के लिए एक पूँजी देनी चाहिए जो किसानों को एक फसल के अवशेषों और अन्य बायोमास की डिलीवरी करेगा जो मीथेन और खाद में परिवर्तित हो सकती है. इसके अतिरिक्त, प्रत्येक निर्माण स्थल को प्रदूषण बोर्डों द्वारा  धूल-मॉनिटरिंग तंत्र होना चाहिए जिसपर स्वीकार्य सीमाओं के उल्लंघन पर भारी दंड का प्रावधान हो. वर्तमान में दिल्ली को जीवन में नियंत्रण बनाए रखने के लिए एक प्रदूषण नियंत्रण रणनीति की जरूरत है.

दिल्ली स्मोग के बारे में और जानने के लिए कुछ अन्य प्रमुख बिंदु:

दिल्ली हरियाणा की पहाड़ियों और यमुना के मैदानों से घिरा हुआ है. ये पहाड़ी पूरी तरह से बंजर हैं और उनके वन निरंतर औद्योगिक अपशिष्टों के कारण अस्तित्वहीन हैं, प्राकृतिक कार्बन अवशोषक की तरह काम करने की उनकी क्षमता अब बर्बाद हो गई है.

धुंध से प्रभावित होने और अस्थमा और अन्य श्वसन रोगों से बच्चे अधिक प्रभावित होते हैं. और जो लोग अक्सर बाहर रहते हैं वे ओजोन की क्षति से अधिक तेजी से ग्रस्त होते हैं.

प्रदूषणकारी उद्योगों को बंद करना, अंतरराज्यीय यातायात को प्रतिबंधित करना और शहर के यातायात को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.



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